क़ब्र की तन्हाई…
अँधेरा…
और इंसान अकेला…
ऐसे वक़्त में अगर कोई चीज़ सबसे पहले सहारा बनती है, तो वो सूरह मुल्क है। Surah Mulk in Hindi
रसूलुल्लाह ﷺ रोज़ रात में सोने से पहले जिस सूरह को पढ़ा करते थे, वही है Surah Mulk।
आज के दौर में जब इंसान दुनिया की भागदौड़ में आख़िरत को भूलता जा रहा है,
सूरह मुल्क हमें याद दिलाती है कि ज़िंदगी और मौत – दोनों अल्लाह की आज़माइश हैं।
सूरह मुल्क का तआरुफ़ | Surah Mulk Overview
- 📖 सूरह नंबर: 67
- 🕋 मक्की सूरह
- 🧩 रुकू: 2
- 🔢 आयतें: 30
- 📿 पारा: 29
- 📝 नाम का मतलब: बादशाहत / हुकूमत
👉 इस सूरह में अल्लाह तआला की क़ुदरत, हुकूमत और इंसान की ज़िम्मेदारी को बहुत असरदार अंदाज़ में बयान किया गया है।
Surah Mulk in Hindi हिंदी में (Hindi Lipi)
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम
सूरह अल-मुल्क (हिंदी टेक्स्ट)
बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम
तबारकल्लज़ी बियदिहिल मुल्क, वहुवा अला कुल्लि शैइन क़दीर।
अल्लज़ी ख-लक़ल मौता वल हयाता लियबलुवकुम अय्युकुम अहसनु अमला, वहुवल अज़ीज़ुल गफ़ूर।
अल्लज़ी ख-लक़ सब-अ समावातिन तिबाक़ा, मा तरा फी खल्क़िर रह़मानि मिन तफ़ावुल, फ़रजिइल बस-र हल तरा मिन फ़ुतूर।
Surah Mulk in Hindi – Part 1
सुम्मर-जिइल बस-र कर्रतैनि यनक़लिब इलैकल बस-रु खासिअंव-वहुवा हसीर।
वलक़द ज़य्यन्नस समाअद दुनिया बिमसाबीहा व-जअलनाहा रुजूमल लिश-शयातीनि व अअतदना लहुम अज़ाबस सईर।
वलिल्लज़ीना कफ़रू बिरब्बिहिम अज़ाबु जहन्नम, व बिअ-सल मसीर।
इज़ा उलक़ू फीहा समिऊ लहा शहीक़ंव-वहि-य तफ़ूर।
Surah Mulk in Hindi – Part 2
तकादु तमय्यज़ु मिनल ग़ैज़, कुल्लमा उलक़िया फीहा फ़ौजुन सअलहुम खज़-नतुहा आलम यअतिकुम नज़ीर।
क़ालू बला क़द जाअना नज़ीरुन फ़-कज़्ज़बना वकुलना मा नज्ज़लल्लाहु मिन शैइन इन अन्तूम इल्ला फी ज़लालिन कबीर।
वक़ालू लौ कुन्ना नस्म-ऊ औ नाअक़िलु मा कुन्ना फी अस्हाबिस सईर।
फ़अतरफ़ू बिज़न्बिहिम, फ़सुह़क़ल लिअस्हाबिस सईर।
Surah Mulk in Hindi – Part 3
इन्नल्लज़ीना यख्शौना रब्बहुम बिलग़ैबि लहुम मग़्फ़िरतुंव-व अज्रुन कबीर।
व असिर्रू क़ौलकुम अविज्ह-रू बिह, इन्नहू अलीमूम बिज़ातिस सुदूर।
अला यअलमु मन ख-लक़, वहुवल लतीफ़ुल खबीर।
हुवल्लज़ी ज-अला लकुमुल अरज़ा ज़लूलन फ़मशू फी मनाकिबिहा वकुलू मिर्रिज़किह, व इलैहिन नुशूर।
Surah Mulk in Hindi – Part 4
अ-अमिन्तुम मन फिस समाइ अय-यख्सिफ़ा बिकुमुल अरज़ा फ़इज़ा हि-य तमूर।
अम अमिन्तुम मन फिस समाइ अय-युरसिला अलैकुम हासिबा, फ़सतअलमूना कैफ़ नज़ीर।
वलक़द कज़्ज़बल्लज़ीना मिन क़बलिहिम फ़कैफ़ काना नकीर।
अ-वलम यरव इलत तैरिफ़ौक़हुम साफ़्फ़ातिंव-व यक़बिज़न, मा युम्सिकुहुन्ना इल्लर रहमान, इन्नहू बिकुल्लि शैइम बसीर।
Surah Mulk in Hindi – Part 5
अम्मन हाज़ल्लज़ी हुवा जुन्दुल लकुम यन्सुरुकुम मिन दूनिर रहमान, इनिल काफ़िरूना इल्ला फी ग़ुरूर।
अम्मन हाज़ल्लज़ी यर्ज़ुकुकुम इन अम्सका रिज़क़ह, बल-लज्जू फी उतुव्विंव-व नुफ़ूर।
अफ़मय यमशी मुकिब्बन अला वज्हिही अहदा अम्मन यमशी सविय्यन अला सिरातिम मुस्तक़ीम।
Surah Mulk in Hindi – Part 6
कुल हुवल्लज़ी अन्शअकुम व-जअला लकुमुस सम-अ वल अब्सारा वल अफ़इदा, क़लीलम मा तश्कुरून।
कुल हुवल्लज़ी ज़-रअकुम फ़िल अरज़ि व इलैहि तुह़शरून।
व यक़ूलूना मता हाज़ल वअदु इन कुन्तुम सादिक़ीन।
कुल इन्नमल इल्मु इन्दल्लाहि व इन्नमा अना नज़ीरुम मुबीन।
Surah Mulk in Hindi – Part 7
फ़लम्मा रऔहु ज़ुल्फ़तन सीअत वुजूहुल्लज़ीना कफ़रू वक़ीला हाज़ल्लज़ी कुन्तुम बिही तद्दऊन।
कुल अर-ऐतुम इन अह्ल-कनियल्लाहु वमम मइ-य औ रहि-मना फ़मय युजी़रुल काफ़िरीना मिन अज़ाबिन अलीम।
कुल हुवर रहमानु आमन्ना बिही वअलैहि तवक्कलना, फ़सतअलमूना मन हुवा फी ज़लालिन मुबीन।
कुल अर-ऐतुम इन अस्बहा माउकुम ग़ौरन फ़मय यअतीकुम बिमाइन मईन।
Congratulations ! Surah Mulk in Hindi
(पूरा Arabic + Hindi Lipi आप अपने ब्लॉग में ayat-wise डाल सकते हैं ताकि readability बनी रहे)
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Surah Mulk in Hindi का तर्जुमा (सरल हिंदी में)
सूरह मुल्क हमें सिखाती है कि:
- अल्लाह ने ज़िंदगी और मौत को सिर्फ़ इसलिए बनाया ताकि देखे:कौन अच्छे अमल करता है
- आसमान बिना किसी सहारे के बनाए गए
- जहन्नम का अज़ाब हक़ है
- अल्लाह इंसान के दिलों के राज़ तक जानता है
👉 ये सूरह इंसान के अंदर जवाबदेही का एहसास पैदा करती है।
Surah Mulk in Hindi की तफ़सीर (संक्षेप में)
1️⃣ ज़िंदगी एक टेस्ट है
अल्लाह फरमाता है:
“जिसने मौत और ज़िंदगी को पैदा किया ताकि तुम्हें आज़माए।”
मतलब:
- अमीर होना कामयाबी नहीं
- लंबी उम्र होना कामयाबी नहीं
- अच्छे अमल असली कामयाबी हैं
2️⃣ अल्लाह की क़ुदरत पर गौर
आसमान, सितारे, हवाएँ —
सब अल्लाह की ताक़त का सुबूत हैं।
👉 इंसान जितना science में आगे बढ़ता है,
उतना ही उसे एहसास होता है कि
ये सब खुद-ब-खुद नहीं हो सकता।
Surah Mulk in Hindi की फ़ज़ीलत (हदीस के साथ)
📌 क़ब्र के अज़ाब से हिफ़ाज़त
रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया:
“क़ुरआन की एक सूरह है जिसमें 30 आयतें हैं,
वह अपने पढ़ने वाले की सिफ़ारिश करती है,
यहाँ तक कि उसे बख़्श दिया जाता है।”
📚 (तिर्मिज़ी)
👉 उलमा फरमाते हैं कि ये सूरह Surah Mulk है।
📌 नबी ﷺ का अमल
रसूलुल्लाह ﷺ:
- सूरह मुल्क पढ़े बिना सोते नहीं थे
- इसे रात की routine में शामिल रखते थे
Surah Mulk in Hindi कब और कैसे पढ़ें?
✔️ पढ़ने का सबसे अच्छा वक़्त
- 🌙 रात में
- 😴 सोने से पहले
- 📿 ईशा के बाद
✔️ रोज़ पढ़ना ज़रूरी है?
- रोज़ पढ़ना अफ़ज़ल है
- कभी छूट जाए तो गुनाह नहीं
- लेकिन आदत बनाना बहुत बड़ी नेमत है
सूरह मुल्क के फायदे (Benefits) Surah Mulk in Hindi
✔️ क़ब्र के अज़ाब से हिफ़ाज़त
✔️ ईमान मज़बूत होता है
✔️ अल्लाह पर भरोसा बढ़ता है
✔️ मौत की हक़ीक़त याद रहती है
✔️ दिल में सुकून आता है
👉 ये सूरह इंसान को दुनिया और आख़िरत के balance पर लाती है। Surah Mulk in Hindi
सूरह मुल्क के नाज़िल होने का मक़सद (पसमंज़र)
इतिहास और मुफस्सिरीन के मुताबिक, मक्का के काफ़िर और मुशरिक नबी-ए-करीम ﷺ के खिलाफ़ गुपचुप साजिशें करते थे। वे आपस में धीमी आवाज़ में बातें करते ताकि अल्लाह के रसूल ﷺ को पता न चले। उनकी इसी गलतफहमी को दूर करने के लिए अल्लाह ने यह सूरह नाज़िल की।
अल्लाह ने साफ़ तौर पर फरमाया: “चाहे तुम अपनी बात छुपाकर कहो या ज़ोर से, वह तो दिलों के भेदों तक को जानने वाला है।” इसका मकसद इंसान को यह एहसास दिलाना था कि कायनात का हर ज़र्रा अल्लाह की निगरानी में है।
क़ुरानी नज़रिया: क्या बात इसे मुनफ़रिद (Unique) बनाती है?
1. मुल्क (बादशाहत) का तसव्वुर:
सूरह की शुरुआत ही “तबारकल्लज़ी बियदिहिल मुल्क” से होती है। यह लफ़्ज़ ‘मुल्क’ इंसान के अंदर से दुनियावी ताकत का डर निकाल देता है। यह बताता है कि असली हुकूमत, ज़मीन से लेकर आसमानों तक, सिर्फ एक अल्लाह की है।
2. आज़माइश का फलसफा:
इस सूरह में ज़िंदगी और मौत की एक अनोखी परिभाषा दी गई है। अल्लाह फरमाता है कि हमने मौत और ज़िंदगी को इसलिए पैदा किया ताकि हम यह ‘टेस्ट’ (Test) कर सकें कि तुम में से कौन ‘अहसनु अमला’ (बेहतरीन अमल करने वाला) है। यहाँ सिर्फ काम की नहीं, बल्कि काम की ‘क्वालिटी’ की बात की गई है।
3. कायनात में तवाज़ुन (Balance):
सूरह मुल्क हमें चैलेंज करती है कि तुम आसमान की तरफ नज़र उठा कर देखो, क्या तुम्हें कोई दरार या कमी नज़र आती है? यह ‘यूनिक नज़रिया’ इंसान को साइंसी (Scientific) और रूहानी तौर पर सोचने पर मजबूर करता है कि इतनी बड़ी कायनात बिना किसी पिलर के सिर्फ खुदा के हुक्म से टिकी है।
रूहानी और आखिरत के फायदे (Spiritual Significance)
हदीस-ए-मुबारका के मुताबिक, सूरह मुल्क के कई अहम फायदे हैं:
- शफ़ाअत (सिफारिश): नबी ﷺ ने फरमाया कि कुरान में एक ऐसी सूरह है जिसकी 30 आयतें हैं, जो अपने पढ़ने वाले की तब तक सिफारिश करती रहेंगी जब तक कि उसकी मगफिरत (माफी) न हो जाए।
- अज़ाब-ए-कब्र से बचाव: इसे ‘अल-मानिआ’ (रोकने वाली) कहा जाता है। जो शख्स रोज़ाना रात को सोने से पहले इसकी तिलावत करता है, यह सूरह उसकी कब्र में ढाल बन जाती है और उसे कब्र की सख्ती से महफूज़ रखती है।
सूरह मुल्क हिंदी इमेज और PDF
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सूरह मुल्क से जुड़े सवाल-जवाब (FAQs)
❓ सूरह मुल्क कितनी आयतों की है?
➡️ 30 आयतों की।
❓ क्या सूरह मुल्क क़ब्र के अज़ाब से बचाती है?
➡️ हदीस के मुताबिक़, अल्लाह के हुक्म से ये सूरह सिफ़ारिश करती है।
❓ क्या बिना समझे पढ़ना भी फ़ायदेमंद है?
➡️ हाँ, लेकिन समझकर पढ़ना अज्र को कई गुना बढ़ा देता है।
❓ क्या महिलाएँ भी रात में पढ़ सकती हैं?
➡️ बिल्कुल, कोई पाबंदी नहीं।
एक अहम नसीहत
अगर हम रोज़ सिर्फ़ 5 मिनट निकालकर
Surah Mulk in Hindi ” सूरह मुल्क ” पढ़ लें,
तो शायद हमारी क़ब्र की पहली रात आसान हो जाए।
👉 फैसला आज आपके हाथ में है।
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✨ Conclusion
Surah Mulk सिर्फ़ पढ़ने की चीज़ नहीं,
ज़िंदगी बदलने वाली सूरह है।